वृश्चिक राशि का नाम और चिह्न
वृश्चिक का अर्थ बिच्छू है, और चिह्न में डंक उठाए बिच्छू बनाया जाता है। लैटिन का Scorpio भी उसी जीव का नाम है। यह आठवीं राशि है। इसे देवनागरी में वृश्चिक लिखा जाता है और अंग्रेज़ी में Scorpio।
तत्व, स्वभाव और स्वामी ग्रह
वृश्चिक जल तत्व की और स्थिर स्वभाव की राशि है। चार तत्वों में से हर एक की तीन राशियाँ होती हैं, जो एक दूसरे से 120 अंश की दूरी पर हैं, और जल तत्व में वृश्चिक के साथ कर्क और मीन आती हैं। जल तत्व की राशियाँ चौथी, आठवीं और बारहवीं हैं। स्वभाव के तीन भेद चक्र में बार-बार दोहराए जाते हैं, और स्थिर स्वभाव में वृश्चिक के साथ वृषभ, सिंह और कुंभ हैं। स्थिर राशियाँ हर तीन राशियों के समूह के बीच में आती हैं: दूसरी, पाँचवीं, आठवीं और ग्यारहवीं। ये राशियों को छाँटने की पारंपरिक श्रेणियाँ हैं।
वृश्चिक का स्वामी ग्रह मंगल है। मंगल मेष का भी स्वामी है। वृश्चिक का स्वामी भी मंगल है। लगभग हर 26 महीने में जब पृथ्वी मंगल और सूर्य के बीच से गुज़रती है, तब मंगल पृथ्वी के सबसे निकट होता है और सबसे चमकीला दिखता है।
वृश्चिक राशि के नक्षत्र
वृश्चिक निरयन भोगांश 210 से 240 अंश तक फैली है। यह ठीक नौ चरणों के बराबर है, यानी सवा दो नक्षत्र। जिन नक्षत्रों का कोई भाग इस राशि में आता है, वे हैं: विशाखा (केवल चरण 4); अनुराधा (चारों चरण); ज्येष्ठा (चारों चरण)। इनके स्वामी ग्रह क्रम से गुरु, शनि और बुध हैं। वृश्चिक में लाल तारा अंतारेस है, जो ज्येष्ठा नक्षत्र का चिह्न है। तीन जल राशियों में यह दूसरी है, कर्क और मीन के बीच की। इसकी सम्मुख राशि वृषभ है।
चंद्रमा को एक राशि से गुज़रने में करीब ढाई दिन से कुछ कम लगते हैं, यानी हर माह चंद्रमा इतने समय के लिए वृश्चिक में रहता है। उसका नक्षत्र इस जानकारी को और सीमित कर देता है। जन्म के समय दोनों जानने के लिए नक्षत्र खोजें देखें।
चंद्र राशि वृश्चिक और सूर्य राशि वृश्चिक
चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की निरयन स्थिति गिनती है, जबकि पश्चिमी सूर्य राशि सूर्य की सायन स्थिति। दोनों राशिचक्रों के बीच अयनांश (लाहिड़ी) का अंतर है, जो 2026 में करीब 24 अंश 13 कला है।
वृश्चिक के लिए यह तारीख़ों में दिख जाता है। 2026 में सूर्य निरयन वृश्चिक में 16 नवंबर 2026 से 16 दिसंबर 2026 तक रहता है, और पश्चिमी Scorpio में 23 अक्टूबर 2026 से 22 नवंबर 2026 तक। इन दोनों अवधियों के केवल लगभग 6 दिन आपस में मिलते हैं। इसलिए पश्चिमी सूर्य राशि Scorpio वाले अधिकतर लोगों की वैदिक सूर्य राशि तुला होती है, और चंद्र राशि बारह में से कोई भी। चंद्र राशि हर दो-तीन दिन में बदलती है, इसलिए चंद्र राशि कैलकुलेटर जन्म का समय और स्थान पूछता है।
वृश्चिक के चरण और नवांश
नवांश में हर चरण एक राशि का होता है। वृश्चिक के नौ चरण नौ क्रमिक राशियाँ लेते हैं: पहला चरण कर्क से आरंभ होता है और नौवाँ मीन पर आता है। अगली राशि धनु का पहला चरण मेष से शुरू होता है। यही कारण है कि नवांश (D9) कुंडली में एक ही राशि के अलग-अलग अंश अलग नवांश राशि में पड़ते हैं।
वृश्चिक से गिनती
जब किसी ग्रह को चंद्रमा से इतनी राशि दूर बताया जाता है, तो गिनती चंद्र राशि से ही शुरू होती है। वृश्चिक के लिए यह क्रम है: दूसरी राशि धनु; तीसरी राशि मकर; चौथी राशि कुंभ; पाँचवीं राशि मीन; छठी राशि मेष; सातवीं राशि वृषभ; आठवीं राशि मिथुन; नौवीं राशि कर्क; दसवीं राशि सिंह; ग्यारहवीं राशि कन्या; बारहवीं राशि तुला। सामने की राशि वृषभ पड़ती है, और मीन तथा कर्क त्रिकोण पूरा करती हैं।
वृश्चिक संक्रांति: सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
सूर्य नवंबर के मध्य में वृश्चिक में प्रवेश करता है। इसी दिन तमिल पंचांग का कार्तिकै माह और मलयालम पंचांग का वृश्चिकम माह आरंभ होता है।
गणना लाहिड़ी अयनांश और संपूर्ण राशि भाव (whole sign) पद्धति से की गई है; हर सेटिंग विधि पेज पर देखी जा सकती है। अंतिम जाँच 2026-10-04।