सिंह राशि (Leo): चंद्र राशि, स्वामी ग्रह और नक्षत्र

सिंह बारह राशियों में पाँचवीं राशि है, जिसे अंग्रेज़ी में Leo कहते हैं। निरयन राशिचक्र में यह 120 से 150 अंश तक फैली है। यह अग्नि तत्व की स्थिर राशि है, इसका स्वामी ग्रह सूर्य है, और मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र इसके भीतर आते हैं।

संस्कृत नाम
सिंह
अंग्रेज़ी नाम
Leo
क्रम
बारह में पाँचवीं
निरयन विस्तार
120 से 150 अंश
तत्व और स्वभाव
अग्नि, स्थिर
स्वामी ग्रह
सूर्य
नक्षत्र
मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी
2026 में सूर्य इस राशि में
17 अगस्त 2026 से 17 सितंबर 2026

सिंह राशि का नाम और चिह्न

सिंह का अर्थ शेर है, और राशि का चिह्न भी शेर ही है। लैटिन में Leo शेर को कहते हैं। यह पाँचवीं राशि है। इसे देवनागरी में सिंह लिखा जाता है और अंग्रेज़ी में Leo।

तत्व, स्वभाव और स्वामी ग्रह

पारंपरिक वर्गीकरण में सिंह अग्नि तत्व वाले समूह की सदस्य है, जिसमें सिंह, मेष और धनु आती हैं, और स्थिर स्वभाव के समूह की भी, जिसमें सिंह, वृषभ, वृश्चिक और कुंभ हैं। स्थिर राशियाँ हर तीन राशियों के समूह के बीच में आती हैं: दूसरी, पाँचवीं, आठवीं और ग्यारहवीं। अग्नि तत्व की राशियाँ बारह में पहली, पाँचवीं और नौवीं हैं। तत्व 120 अंश के अंतर पर बैठते हैं, जबकि स्वभाव हर तीसरी राशि पर लौट आता है।

सिंह का स्वामी ग्रह सूर्य है। सिंह अकेली राशि है जिसका स्वामी सूर्य है। सूर्य ग्रह नहीं, एक तारा है, फिर भी वैदिक ज्योतिष उसे नौ ग्रहों में गिनता है। तारों की पृष्ठभूमि में वह रोज़ लगभग एक अंश आगे खिसकता है, इसलिए हर राशि में करीब एक महीना रहता है।

सिंह राशि के नक्षत्र

निरयन राशिचक्र में सिंह का विस्तार 120 अंश से 150 अंश तक है, जिसमें नौ चरण समाते हैं और इसलिए सवा दो नक्षत्र। इस दायरे में पड़ने वाले नक्षत्र ये हैं: मघा (चारों चरण); पूर्वा फाल्गुनी (चारों चरण); उत्तरा फाल्गुनी (केवल चरण 1)। इनके स्वामी ग्रह क्रम से केतु, शुक्र और सूर्य हैं। सिंह अकेली राशि है जिसका स्वामी सूर्य है। इसके आरंभिक भाग में चमकीला तारा रेगुलस है। इसकी सम्मुख राशि कुंभ है।

चंद्रमा एक राशि पार करने में लगभग सवा दो से ढाई दिन लगाता है, इसलिए हर महीने चंद्रमा उतने ही समय सिंह में रहता है। उस बीच चंद्रमा किस नक्षत्र में है, इससे स्थिति और बारीकी से पता चलती है। अपने जन्म के लिए दोनों देखने के लिए नक्षत्र खोजें का उपयोग करें।

चंद्र राशि सिंह और सूर्य राशि सिंह

वैदिक चंद्र राशि वह निरयन राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। पश्चिमी सूर्य राशि वह सायन राशि है जिसमें उस समय सूर्य था। दोनों अलग पैमाने हैं, और 2026 में निरयन राशिचक्र सायन से लगभग 24 अंश 13 कला पीछे है।

सिंह के लिए यह तारीख़ों में दिख जाता है। 2026 में सूर्य निरयन सिंह में 17 अगस्त 2026 से 17 सितंबर 2026 तक रहता है, और पश्चिमी Leo में 23 जुलाई 2026 से 23 अगस्त 2026 तक। इन दोनों अवधियों के केवल लगभग 6 दिन आपस में मिलते हैं। इसलिए पश्चिमी सूर्य राशि Leo वाले अधिकतर लोगों की वैदिक सूर्य राशि कर्क होती है, और चंद्र राशि बारह में से कोई भी। चंद्र राशि हर दो-तीन दिन में बदलती है, इसलिए चंद्र राशि कैलकुलेटर जन्म का समय और स्थान पूछता है।

सिंह के चरण और नवांश

सिंह के भीतर के नौ चरणों को लगातार नौ नवांश राशियाँ मिलती हैं। क्रम मेष से शुरू होकर धनु पर रुकता है, और अगली राशि कन्या में फिर मकर से नई गिनती उठती है। इसी तरह राशि का हर अंश नवांश (D9) कुंडली की किसी एक राशि में पड़ता है, जिसे बारीक अध्ययन के लिए देखा जाता है।

सिंह से गिनती

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति अक्सर चंद्र राशि से कितनी राशि दूर है, इस तरह गिनी जाती है, जिसे चंद्र से भाव (चंद्र लग्न से गिनती) कहते हैं। चंद्र राशि सिंह हो तो गिनती यह बनती है: दूसरी राशि कन्या; तीसरी राशि तुला; चौथी राशि वृश्चिक; पाँचवीं राशि धनु; छठी राशि मकर; सातवीं राशि कुंभ; आठवीं राशि मीन; नौवीं राशि मेष; दसवीं राशि वृषभ; ग्यारहवीं राशि मिथुन; बारहवीं राशि कर्क। सिंह की सम्मुख राशि कुंभ है, और उससे त्रिकोण बनाने वाली दो राशियाँ धनु तथा मेष हैं।

सिंह संक्रांति: सूर्य का सिंह में प्रवेश

सूर्य अगस्त के मध्य में सिंह में प्रवेश करता है। इसी दिन तमिल पंचांग का आवणि माह और मलयालम पंचांग का चिंगम माह शुरू होता है, जिससे कोल्लम वर्ष का आरंभ होता है।

गणना लाहिड़ी अयनांश और संपूर्ण राशि भाव (whole sign) पद्धति से की गई है; हर सेटिंग विधि पेज पर देखी जा सकती है। अंतिम जाँच 2026-10-04।

लोग क्या पूछते हैं

वैदिक ज्योतिष में Leo को क्या कहते हैं?

Leo को सिंह राशि कहा जाता है। यह पाँचवीं राशि है और इसका स्वामी ग्रह सूर्य है।

सिंह राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी। मघा और उत्तरा फाल्गुनी का कुछ भाग पड़ोसी राशि में भी जा सकता है, क्योंकि सिंह में ठीक नौ चरण होते हैं।

क्या वैदिक चंद्र राशि सिंह और पश्चिमी सूर्य राशि Leo एक ही हैं?

नहीं। एक में निरयन चंद्रमा गिना जाता है और दूसरी में सायन सूर्य, और 2026 में दोनों राशिचक्रों के बीच लगभग 24 अंश 13 कला का अंतर है। दोनों का मेल केवल संयोग से होता है।

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