रोज़ का आसमान

आज के ग्रह: शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की राशि, अंश, नक्षत्र और पद, दोपहर 12 बजे भारतीय मानक समय पर, हर दिन नए सिरे से निकाले हुए, और वह दिन जब हर ग्रह अगली बार राशि बदलता है। ये सिर्फ़ आसमान के तथ्य हैं।

आपकी कुंडली चैट

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नमस्ते! अपनी जन्म तारीख, समय और जगह एक संदेश में भेजिए, मैं आपकी कुंडली बना देता हूँ, फिर आप अपना सवाल पूछ सकते हैं। जैसे:

21 जुलाई 1995, रात 10:20, लखनऊ

उदाहरण पर टैप करके देखिए, या अपना लिखिए। समय पक्का नहीं पता? बस बता दीजिए।

17 अक्टूबर 2026: एक नज़र में

हर आँकड़ा 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे IST का है। निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश।

तारीख़
शनिवार17 अक्टूबर 2026
सूर्य राशि
कन्या
चंद्र राशि
धनुपूर्वाषाढ़ा (पद 1)
अभी वक्री
शुक्र, शनि, राहु, केतु9 में से 4 ग्रह

स्थितियाँ उसी इंजन से निकली हैं जो फ़्री कुंडली में है (निरयन राशिचक्र, लाहिरी अयनांश, पृथ्वी से देखा हुआ, दोपहर 12 बजे IST)। राहु और केतु औसत बिंदु (mean node) से लिए गए हैं, इसलिए औसत बिंदु में वे हमेशा वक्री दिखते हैं। दूसरे स्रोत दूसरा अयनांश या दूसरा बिंदु लेते हैं, और स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। देखें कुंडली कैसे बनती है।

17 अक्टूबर 2026 को नौ ग्रह कहाँ हैं

दोपहर 12 बजे IST पर हर ग्रह की एक पंक्ति। आख़िरी स्तंभ बताता है कि ग्रह अगली बार कब दूसरी राशि में जाता है, भारतीय मानक समय में। चंद्रमा का समय मिनट तक दिया है, बाकी का दिन तक। वक्री ग्रह उस राशि में वापस भी जा सकता है जिसे वह छोड़ चुका है।

17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे IST पर नौ ग्रहों की राशि, अंश, नक्षत्र, पद और गति
ग्रहराशिराशि में अंशनक्षत्र और पदगतिअगला राशि बदलाव
सूर्य कन्या 29°40′ चित्रा (पद 2) मार्गी 17 अक्टूबर 2026, तुला में
चंद्रमा धनु 14°25′ पूर्वाषाढ़ा (पद 1) मार्गी 7:33 PM, 18 अक्टूबर, मकर में
मंगल कर्क 16°38′ पुष्य (पद 4) मार्गी 12 नवंबर 2026, सिंह में
बुध तुला 24°00′ विशाखा (पद 2) मार्गी 2 दिसंबर 2026, वृश्चिक में
गुरु कर्क 28°03′ आश्लेषा (पद 4) मार्गी 31 अक्टूबर 2026, सिंह में
शुक्र तुला 10°29′ स्वाति (पद 2) वक्री 6 नवंबर 2026, कन्या में
शनि मीन 16°04′ उत्तरा भाद्रपद (पद 4) वक्री 3 जून 2027, मेष में
राहु कुंभ 2°37′ धनिष्ठा (पद 3) वक्री, औसत बिंदु के हिसाब से 5 दिसंबर 2026, मकर में
केतु सिंह 2°37′ मघा (पद 1) वक्री, औसत बिंदु के हिसाब से 5 दिसंबर 2026, कर्क में

अगले 7 दिन चंद्रमा

हर दिन दोपहर 12 बजे IST पर चंद्रमा की राशि, नक्षत्र और पद।

अगले सात दिन दोपहर 12 बजे IST पर चंद्रमा की राशि, नक्षत्र और पद
तारीख़वारचंद्र राशिनक्षत्र और पद
शनिवार धनु पूर्वाषाढ़ा (पद 1)
रविवार धनु पूर्वाषाढ़ा (पद 4)
सोमवार मकर उत्तराषाढ़ा (पद 4)
मंगलवार मकर श्रवण (पद 4)
बुधवार कुंभ धनिष्ठा (पद 3)
गुरुवार कुंभ शतभिषा (पद 3)
शुक्रवार कुंभ पूर्वा भाद्रपद (पद 3)

यह पेज क्या दिखाता है

यह पेज बताता है कि वैदिक ज्योतिष के नौ ग्रह अभी आसमान में कहाँ हैं: सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और दो चंद्र बिंदु राहु और केतु। हर एक के लिए वह राशि, राशि में कितने अंश, नक्षत्र और पद, आगे या पीछे की ओर चल रहा है, और अगली बार कब दूसरी राशि में जाता है, यह लिखा है।

यह आसमान जैसा है वैसा ही है, उस दिन के लिए निकाला हुआ। ये स्थितियाँ किसी व्यक्ति की अपनी कुंडली से कैसे जुड़ती हैं, यह अलग सवाल है, जिसे एक ज्योतिषी जन्म विवरण से पढ़ता है।

हर मान कैसे निकाला जाता है

  1. राशि: ग्रह का निरयन देशांतर, बारह राशियों में बँटा हुआ, हर एक 30 अंश की, मेष पहली।
  2. अंश: ग्रह अपनी राशि में कितना आगे है, अंश और कला में।
  3. नक्षत्र: वही देशांतर 27 भागों में, हर भाग 13 अंश 20 कला का। हर नक्षत्र के चार पद होते हैं, हर एक 3 अंश 20 कला का, 1 से 4 तक गिनती।
  4. अगला राशि बदलाव: दोपहर के बाद पहला पल जब देशांतर राशि की सीमा पार करता है, आगे बढ़ते हुए और फिर पास आकर निकाला।

राशिचक्र निरयन है, लाहिरी अयनांश के साथ, हर स्थिति पृथ्वी से देखी हुई है और हर घड़ी का समय भारतीय मानक समय (UTC+5:30) है।

आसमान में वक्री का मतलब

ग्रह को वक्री कहते हैं जब पृथ्वी से देखने पर उसका देशांतर बढ़ने की जगह घट रहा हो। यह इस बात से होता है कि पृथ्वी और दूसरा ग्रह सूर्य के चारों ओर कैसे चलते हैं: कभी कभी ग्रह कुछ हफ़्ते या महीने तारों के सामने पीछे जाता दिखता है, फिर आगे मुड़ जाता है।

सूर्य और चंद्रमा ऐसा कभी नहीं करते। मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि करते हैं।

राहु और केतु वे बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा का पथ सूर्य के पथ को काटता है, ग्रह नहीं। औसत बिंदु एक बराबर रफ़्तार से हमेशा पीछे चलता है, इसलिए जो पेज उसे लेता है वह राहु और केतु को हमेशा वक्री दिखाता है।

दूसरी साइट पर आँकड़े थोड़े अलग क्यों दिखते हैं

अयनांश, यानी वह संख्या जो सूर्य पर आधारित राशिचक्र को तारों पर आधारित राशिचक्र में बदलती है, हर जगह एक जैसी नहीं होती। यहाँ लाहिरी है, जो कई भारतीय पंचांगों में चलता है, जबकि दूसरे रमन या कृष्णमूर्ति लेते हैं।

अलग अयनांश हर स्थिति को अंश के छोटे हिस्से से हिलाता है, जिससे अंश का आँकड़ा, और राशि या पद की सीमा के पास राशि या पद भी बदल सकता है।

दिन का समय भी मायने रखता है। यह पेज दोपहर 12 बजे IST लेता है, इसलिए जो साइट आधी रात या सूर्योदय का आसमान दिखाती है, वह ख़ास कर चंद्रमा के लिए अलग आँकड़ा देगी, जो एक दिन में लगभग 13 अंश चलता है।

17 अक्टूबर 2026 के लिए, दोपहर 12 बजे IST पर निकाला गया।

आज के ग्रहों के सवाल

आज कौन से ग्रह वक्री हैं?

17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे IST पर वक्री ग्रह हैं शुक्र, शनि, राहु, केतु।

आज सूर्य कौन सी राशि में है?

17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या में है, निरयन राशिचक्र में, लाहिरी अयनांश के साथ। अगला राशि बदलाव: 17 अक्टूबर 2026, तुला में।

आज चंद्रमा कौन सी राशि और नक्षत्र में है?

17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे IST पर चंद्रमा धनु में है, पूर्वाषाढ़ा (पद 1) में। अगला राशि बदलाव: 7:33 PM, 18 अक्टूबर, मकर में।

आज शनि कौन सी राशि में है?

17 अक्टूबर 2026 को शनि मीन में 16°04′ पर है और उसकी गति वक्री है। अगला राशि बदलाव: 3 जून 2027, मेष में।

आज गुरु कौन सी राशि में है?

17 अक्टूबर 2026 को गुरु कर्क में 28°03′ पर है और उसकी गति मार्गी है। अगला राशि बदलाव: 31 अक्टूबर 2026, सिंह में।

आज राहु और केतु कौन सी राशि में हैं?

17 अक्टूबर 2026 को राहु कुंभ में और केतु सिंह में है, औसत बिंदु (mean node) से लिए हुए। दोनों का अगला राशि बदलाव: 5 दिसंबर 2026, मकर में।

दूसरी साइट पर अंश अलग क्यों दिखता है?

अयनांश और दिन का समय आँकड़े बदल देते हैं। यह पेज लाहिरी अयनांश और दोपहर 12 बजे IST लेता है, इसलिए दूसरा अयनांश या दूसरा समय लेने वाली साइट अंश के छोटे हिस्से से अलग हो सकती है, चंद्रमा के लिए ज़्यादा।

क्या यह पेज बताता है कि ग्रह मेरे लिए क्या मतलब रखते हैं?

नहीं। यह सिर्फ़ स्थिति और घड़ी के समय बताता है। कोई स्थिति किसी व्यक्ति की अपनी कुंडली से कैसे जुड़ती है, यह अलग सवाल है, जिसे एक ज्योतिषी जन्म विवरण से पढ़ता है।

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