धनु राशि (Sagittarius): चंद्र राशि, स्वामी ग्रह और नक्षत्र

धनु बारह राशियों में नौवीं राशि है, जिसे अंग्रेज़ी में Sagittarius कहते हैं। निरयन राशिचक्र में यह 240 से 270 अंश तक फैली है। यह अग्नि तत्व की द्विस्वभाव राशि है, इसका स्वामी ग्रह गुरु है, और मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र इसके भीतर आते हैं।

संस्कृत नाम
धनु
अंग्रेज़ी नाम
Sagittarius
क्रम
बारह में नौवीं
निरयन विस्तार
240 से 270 अंश
तत्व और स्वभाव
अग्नि, द्विस्वभाव
स्वामी ग्रह
गुरु
नक्षत्र
मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा
2026 में सूर्य इस राशि में
16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2026

धनु राशि का नाम और चिह्न

धनु का अर्थ धनुष है, और चिह्न में धनुर्धर या तीर चढ़ा धनुष बनाया जाता है। लैटिन का Sagittarius तीरंदाज़ को कहता है। यह नौवीं राशि है। इसे देवनागरी में धनु लिखा जाता है और अंग्रेज़ी में Sagittarius।

तत्व, स्वभाव और स्वामी ग्रह

पारंपरिक वर्गीकरण में धनु अग्नि तत्व वाले समूह की सदस्य है, जिसमें धनु, मेष और सिंह आती हैं, और द्विस्वभाव स्वभाव के समूह की भी, जिसमें धनु, मिथुन, कन्या और मीन हैं। द्विस्वभाव राशियाँ हर तीन राशियों के समूह का समापन करती हैं: तीसरी, छठी, नौवीं और बारहवीं। अग्नि तत्व की राशियाँ बारह में पहली, पाँचवीं और नौवीं हैं। तत्व 120 अंश के अंतर पर बैठते हैं, जबकि स्वभाव हर तीसरी राशि पर लौट आता है।

धनु का स्वामी ग्रह गुरु है। गुरु मीन का भी स्वामी है। गुरु सबसे बड़ा ग्रह है और सूर्य की परिक्रमा 11.86 वर्ष में करता है, इसलिए एक राशि में लगभग एक वर्ष रहता है।

धनु राशि के नक्षत्र

निरयन राशिचक्र में धनु का विस्तार 240 अंश से 270 अंश तक है, जिसमें नौ चरण समाते हैं और इसलिए सवा दो नक्षत्र। इस दायरे में पड़ने वाले नक्षत्र ये हैं: मूल (चारों चरण); पूर्वाषाढ़ा (चारों चरण); उत्तराषाढ़ा (केवल चरण 1)। इनके स्वामी ग्रह क्रम से केतु, शुक्र और सूर्य हैं। धनु आकाशगंगा के केंद्र की दिशा में स्थित है। मूल नक्षत्र यहीं से शुरू होता है, फिर पूर्वाषाढ़ा आती है और उत्तराषाढ़ा का आरंभ होता है। इसकी सम्मुख राशि मिथुन है।

चंद्रमा को एक राशि से गुज़रने में करीब ढाई दिन से कुछ कम लगते हैं, यानी हर माह चंद्रमा इतने समय के लिए धनु में रहता है। उसका नक्षत्र इस जानकारी को और सीमित कर देता है। जन्म के समय दोनों जानने के लिए नक्षत्र खोजें देखें।

चंद्र राशि धनु और सूर्य राशि धनु

चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की निरयन स्थिति गिनती है, जबकि पश्चिमी सूर्य राशि सूर्य की सायन स्थिति। दोनों राशिचक्रों के बीच अयनांश (लाहिड़ी) का अंतर है, जो 2026 में करीब 24 अंश 13 कला है।

धनु के लिए यह तारीख़ों में दिख जाता है। 2026 में सूर्य निरयन धनु में 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2026 तक रहता है, और पश्चिमी Sagittarius में 22 नवंबर 2026 से 22 दिसंबर 2026 तक। इन दोनों अवधियों के केवल लगभग 6 दिन आपस में मिलते हैं। इसलिए पश्चिमी सूर्य राशि Sagittarius वाले अधिकतर लोगों की वैदिक सूर्य राशि वृश्चिक होती है, और चंद्र राशि बारह में से कोई भी। चंद्र राशि हर दो-तीन दिन में बदलती है, इसलिए चंद्र राशि कैलकुलेटर जन्म का समय और स्थान पूछता है।

धनु के चरण और नवांश

नवांश में हर चरण एक राशि का होता है। धनु के नौ चरण नौ क्रमिक राशियाँ लेते हैं: पहला चरण मेष से आरंभ होता है और नौवाँ धनु पर आता है। अगली राशि मकर का पहला चरण मकर से शुरू होता है। यही कारण है कि नवांश (D9) कुंडली में एक ही राशि के अलग-अलग अंश अलग नवांश राशि में पड़ते हैं।

धनु से गिनती

जब किसी ग्रह को चंद्रमा से इतनी राशि दूर बताया जाता है, तो गिनती चंद्र राशि से ही शुरू होती है। धनु के लिए यह क्रम है: दूसरी राशि मकर; तीसरी राशि कुंभ; चौथी राशि मीन; पाँचवीं राशि मेष; छठी राशि वृषभ; सातवीं राशि मिथुन; आठवीं राशि कर्क; नौवीं राशि सिंह; दसवीं राशि कन्या; ग्यारहवीं राशि तुला; बारहवीं राशि वृश्चिक। सामने की राशि मिथुन पड़ती है, और मेष तथा सिंह त्रिकोण पूरा करती हैं।

धनु संक्रांति: सूर्य का धनु में प्रवेश

सूर्य दिसंबर के मध्य में धनु में प्रवेश करता है। इसी दिन तमिल पंचांग का मार्गळि माह और मलयालम पंचांग का धनु माह शुरू होता है।

गणना लाहिड़ी अयनांश और संपूर्ण राशि भाव (whole sign) पद्धति से की गई है; हर सेटिंग विधि पेज पर देखी जा सकती है। अंतिम जाँच 2026-10-04।

लोग क्या पूछते हैं

वैदिक ज्योतिष में Sagittarius को क्या कहते हैं?

Sagittarius को धनु राशि कहा जाता है। यह नौवीं राशि है और इसका स्वामी ग्रह गुरु है।

धनु राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?

मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा। मूल और उत्तराषाढ़ा का कुछ भाग पड़ोसी राशि में भी जा सकता है, क्योंकि धनु में ठीक नौ चरण होते हैं।

क्या वैदिक चंद्र राशि धनु और पश्चिमी सूर्य राशि Sagittarius एक ही हैं?

नहीं। एक में निरयन चंद्रमा गिना जाता है और दूसरी में सायन सूर्य, और 2026 में दोनों राशिचक्रों के बीच लगभग 24 अंश 13 कला का अंतर है। दोनों का मेल केवल संयोग से होता है।

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