मेष राशि का नाम और चिह्न
संस्कृत में मेष का अर्थ भेड़ा या मेमना है, और राशि का चिह्न मेढ़े के सींगों जैसा बनाया जाता है। अंग्रेज़ी में इसे Aries कहते हैं, जो उसी पशु के लिए लैटिन शब्द है। राशिचक्र की गिनती इसी राशि से शुरू होती है, इसलिए यह पहली राशि है। इसे देवनागरी में मेष लिखा जाता है और अंग्रेज़ी में Aries।
तत्व, स्वभाव और स्वामी ग्रह
पारंपरिक वर्गीकरण में मेष अग्नि तत्व वाले समूह की सदस्य है, जिसमें मेष, सिंह और धनु आती हैं, और चर स्वभाव के समूह की भी, जिसमें मेष, कर्क, तुला और मकर हैं। चर राशियाँ हर तीन राशियों के समूह की शुरुआत करती हैं: पहली, चौथी, सातवीं और दसवीं। अग्नि तत्व की राशियाँ बारह में पहली, पाँचवीं और नौवीं हैं। तत्व 120 अंश के अंतर पर बैठते हैं, जबकि स्वभाव हर तीसरी राशि पर लौट आता है।
मेष का स्वामी ग्रह मंगल है। मंगल वृश्चिक का भी स्वामी है। मंगल सूर्य से चौथा ग्रह है और सूर्य की एक परिक्रमा में लगभग 687 दिन लेता है। इस हिसाब से वह हर राशि में औसतन करीब 57 दिन रहता है। उसकी सतह पर लोहे का ऑक्साइड है, जिससे वह लाल दिखता है।
मेष राशि के नक्षत्र
निरयन राशिचक्र में मेष का विस्तार 0 अंश से 30 अंश तक है, जिसमें नौ चरण समाते हैं और इसलिए सवा दो नक्षत्र। इस दायरे में पड़ने वाले नक्षत्र ये हैं: अश्विनी (चारों चरण); भरणी (चारों चरण); कृत्तिका (केवल चरण 1)। इनके स्वामी ग्रह क्रम से केतु, शुक्र और सूर्य हैं। निरयन राशिचक्र में मेष शून्य अंश से शुरू होती है, ठीक उसी बिंदु से जहाँ अश्विनी नक्षत्र शुरू होता है। इससे सात राशि आगे की राशि, यानी इसकी सम्मुख राशि, तुला है।
चंद्रमा को एक राशि से गुज़रने में करीब ढाई दिन से कुछ कम लगते हैं, यानी हर माह चंद्रमा इतने समय के लिए मेष में रहता है। उसका नक्षत्र इस जानकारी को और सीमित कर देता है। जन्म के समय दोनों जानने के लिए नक्षत्र खोजें देखें।
चंद्र राशि मेष और सूर्य राशि मेष
चंद्र राशि जन्म के समय चंद्रमा की निरयन स्थिति गिनती है, जबकि पश्चिमी सूर्य राशि सूर्य की सायन स्थिति। दोनों राशिचक्रों के बीच अयनांश (लाहिड़ी) का अंतर है, जो 2026 में करीब 24 अंश 13 कला है।
मेष के लिए यह तारीख़ों में दिख जाता है। 2026 में सूर्य निरयन मेष में 14 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक रहता है, और पश्चिमी Aries में 20 मार्च 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक। इन दोनों अवधियों के केवल लगभग 6 दिन आपस में मिलते हैं। इसलिए पश्चिमी सूर्य राशि Aries वाले अधिकतर लोगों की वैदिक सूर्य राशि मीन होती है, और चंद्र राशि बारह में से कोई भी। चंद्र राशि हर दो-तीन दिन में बदलती है, इसलिए चंद्र राशि कैलकुलेटर जन्म का समय और स्थान पूछता है।
मेष के चरण और नवांश
नवांश में हर चरण एक राशि का होता है। मेष के नौ चरण नौ क्रमिक राशियाँ लेते हैं: पहला चरण मेष से आरंभ होता है और नौवाँ धनु पर आता है। अगली राशि वृषभ का पहला चरण मकर से शुरू होता है। यही कारण है कि नवांश (D9) कुंडली में एक ही राशि के अलग-अलग अंश अलग नवांश राशि में पड़ते हैं।
मेष से गिनती
जब किसी ग्रह को चंद्रमा से इतनी राशि दूर बताया जाता है, तो गिनती चंद्र राशि से ही शुरू होती है। मेष के लिए यह क्रम है: दूसरी राशि वृषभ; तीसरी राशि मिथुन; चौथी राशि कर्क; पाँचवीं राशि सिंह; छठी राशि कन्या; सातवीं राशि तुला; आठवीं राशि वृश्चिक; नौवीं राशि धनु; दसवीं राशि मकर; ग्यारहवीं राशि कुंभ; बारहवीं राशि मीन। सामने की राशि तुला पड़ती है, और सिंह तथा धनु त्रिकोण पूरा करती हैं।
मेष संक्रांति: सूर्य का मेष में प्रवेश
सूर्य अप्रैल के मध्य में मेष में प्रवेश करता है। उसी दिन तमिल पंचांग का चित्तिरै माह और मलयालम पंचांग का मेडम माह शुरू होता है, और कई क्षेत्रों में सौर नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है।
गणना लाहिड़ी अयनांश और संपूर्ण राशि भाव (whole sign) पद्धति से की गई है; हर सेटिंग विधि पेज पर देखी जा सकती है। अंतिम जाँच 2026-10-04।